🙂
मुझ में वो साहस नहीं है जो मैं यह अतिआवश्यक बात को अपने अपवित्र मुख से कह सकूं इसलिए मैं इस पत्र का सहारा ले रहा हूं।
आपका मेरे प्रति जो भाव है मुझ में वो भाव ही नहीं जो आपके प्रेम को निभा सकूं। मैं अज्ञानी हूं जिसे प्रेम के बारे में कोई ज्ञान नहीं मुझे ना ही आपकी प्रेम सागर में तैरने आता है और ना ही डुबने, इसलिए हमारे बीच जो भी बातें हुई वह जाने अनजाने में हुआ।
इसलिए हो सके तो मुझे एक बुरा सपना समझ कर भुल जाना मैं आपकी बहुत इज्जत करता हूं अगर मेरे इस बात से आपके हृदय को ठेस पहुंची हो ,तो मुझे अभागा समझ कर माफ कर देना।
मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि आपका जो भी जीवन में लक्ष्य हो
उसे प्राप्त कराए
प्यारी ❣️
{ Anshu ji }
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मुझ में वो साहस नहीं है जो मैं यह अतिआवश्यक बात को अपने अपवित्र मुख से कह सकूं इसलिए मैं इस पत्र का सहारा ले रहा हूं।
आपका मेरे प्रति जो भाव है मुझ में वो भाव ही नहीं जो आपके प्रेम को निभा सकूं। मैं अज्ञानी हूं जिसे प्रेम के बारे में कोई ज्ञान नहीं मुझे ना ही आपकी प्रेम सागर में तैरने आता है और ना ही डुबने, इसलिए हमारे बीच जो भी बातें हुई वह जाने अनजाने में हुआ।
इसलिए हो सके तो मुझे एक बुरा सपना समझ कर भुल जाना मैं आपकी बहुत इज्जत करता हूं अगर मेरे इस बात से आपके हृदय को ठेस पहुंची हो ,तो मुझे अभागा समझ कर माफ कर देना।
मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि आपका जो भी जीवन में लक्ष्य हो
उसे प्राप्त कराए
प्यारी ❣️
{ Anshu ji }